पीड़ित को धमका पुलिस बना रही समझौते का दबाव
...रिपोर्ट-रत्नम चौरसिया। (एडवोकेट)
पुरवा/उन्नाव। पुलिस महकमा अपनी कार्यशैली से प्रायः बदनाम ही रहती है। जबकि इस विभाग का उद्देश्य आम जनमानस या पीड़ित की रक्षा करना और न्याय दिलाना होता है। किन्तु धरातल पर मामला उल्टा है। पुलिस ही पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय समझौते का दबाव बनाती रहती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक ऐसा ही मामला सामने आया है। बतादें कि मौरावा थाना क्षेत्र के ग्राम मटेहना मजरा लउवासिंहखेड़ा का निवासी पुतान पुत्र प्यारेलाल पहले तो दबंगो से पीड़ित था।लेकिन अब पुलिस में शिकायत करने के पश्चात हल्का प्रभारी राणा दारोगा से भी परेशान है। पीड़ित ने थानाध्यक्ष मौरावा को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि बीते 22 जुलाई को उसके पुत्र जोगेन्द्र को गांव के ही अशोक पुत्र रामेश्वर, रवी पुत्र राम आसरे व राम आसरे पुत्र बिशुनाथ ने मामूली बात पर लाठी डण्डो से पीटकर गम्भीर रूप से घायल कर मौके से भाग गए।
जिसको लेकर घायल की पत्नी बीनू ने थाने में शिकायत की तो पुलिस ने अपने हाथ मनगढ़ंत तहरीर बनाकर उससे अंगूठा लगवा लिया और घायल को मेडिकल हेतु स्वास्थ्य केंद्र मौरावा भेज दिया।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने अबतक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नही की। अपितु पीड़ित को ही हल्का दारोगा राणा द्वारा सुलह का दबाव बना रहे हैं। साथ ही पीड़ित के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत करने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित का आरोप है कि दबंगो द्वारा भी मामले को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। ऐसे में कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है। पीड़ित चाहता है कि इस मामले से उक्त दारोगा को हटाकर संगत धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और उनकी गिरफ्तारी भी अतिशीघ्र की जाय। जब इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी अशरफ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की जा रही है। एस-एसटी की विवेचना सीओ पुरवा द्वारा की जा रही है। उन्होने यह भी कहा कि दारोगा सर्वेश राणा पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।

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