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बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, विद्यालयो में बच्चों से धुलावाये जा रहे भोजन के बर्तन


लखीमपुर खीरी। जहां एक ओर सरकार बच्चों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए शिक्षा की नई-नई योजना चला कर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को हर वो सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बच्चों को अच्छी शिक्षा और उनका उज्वल भविष्य बन सके, लेकिन दूसरी ओर कुछ शिक्षक शासन के आदेशों को ताक पर रखकर कुछ छात्र-छात्राओं से विद्यालय में शिक्षा न देकर उनका बाल शोषण कर विद्यालय में ही कभी मजदूरी करवाते हैं तो कभी उनसे भोजन करने के बर्तन धुलवाते नजर आये, वही इस बात को लेकर मीडिया कर्मीयों से अभद्रता करने का मामला भी सामने आया है। वही मामले को लेकर जब आला अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर पल्लाझाड़ लिया कि जब  भोजन करेगें तो धुलेगें तो है ही। 

ऐसा ही एक ताजा मामला लखीमपुर खीरी जिले के थाना भीरा के विधान सभा बिजुवा क्षेत्र के ग्राम दौलतापुर से सामने आया है, जहां पर प्राथमिक विद्यालय कचनारा में माध्यान भोजन के दौरान छात्र छात्राओं से ही कभी मजदूरी तो कभी अपने भोजन के बर्तन धुलवाने का कार्य  करवाए जाने का मामला सामने आया जब इसकी जानकारी कुछ मीडिया कर्मीयों को हुई तो वह इस बात की जानकारी के लिये विद्यालय पहुंचे तो वहां माध्यान भोजन का समय चल रहा था और कुछ छात्र छात्रायें अपने खाने का बर्तन धुल रहे थे जो कि मीडियाकर्मियों ने अपने कैमरे में रिकार्ड किया, यह सब  शासन के मुंह पर एक करारा तमाचा मारने जैसा है इससे यह साफ साबित होता है कि शिक्षिकों द्वारा शिक्षा पर कितना जोर दिया जा रहा है एक ओर तो बाल शोषण पर रोक लगाई जा रही है वहीं कुछ प्राथमिक विद्यालयों में ही बच्चों का शोषण किया जा रहा  है जो कि शर्मनाक है।

वही जब शिक्षकों ने विद्यालय में बच्चों के बर्तन धुलने की कवरेज करते हुए मीडिया कर्मियों को देखा तो वहां  हड़कम्प मच गया और आनन फानन में बच्चों को वहां से हटाया गया। वहीं जब मामले की जानकारी बच्चों से ली गयी तो उन्होने बताया कि हम जबसे विद्यालय में आये हैं तभी से यह सब कार्य कर रहें हैं । जब इस बात की जानकारी के लिये विद्यालय के प्राचार्या से बात की गयी तो वह कुछ नहीं बोली पर वहीं विद्यालय की एक टीचर तनु मीडिया कर्मियों से अभद्रता करते नजर आई, जब उनकी अभद्रता की मीडिया कर्मियो द्वारा वीडियोंक्लिप बनाई जाने लगी तो वह वहां से चली गयी। फिलहाल इस संदर्भ में जब खंड शिक्षा अधिकारी से बात की गयी तो वह भी उस टीचर का पक्ष लेकर मीडिया कर्मियों को ही गलत ठहराने लगे । फिलहाल जो भी हो यदि इस तरह से विद्यालयों में बच्चों का बाल शोषण होता रहा तो फिर उनके भविष्य का क्या होगा और अब उन  शिक्षकों पर क्या कार्यवाही की जाती है यह भी सोचनीय है जो देश में तीसरे स्तंभ के रूप में जाना जाता है उन पर  ही अभद्रता होने लगे तो देश का क्या होगा।

... रिपोर्ट -हिमांशु श्रीवास्तव। (लखीमपुर खीरी)

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