ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री को छोड़ सभी से की शिकायत लेकिन नहीं हुआ समस्या का समाधान
आजादी के बाद पहली बार गांव में हुए विधुतीकरण से जनता के चेहरे पर आई खुशी मात्र एक माह बाद ही गायब हो गई
निघासन खीरी। आजादी के बाद पहली बार गांव में हुए विधुतीकरण से जनता के चेहरे पर आई खुशी मात्र एक माह बाद ही गायब हो गई,ग्रामीणों के कई बार शिकायत करने के बाद भी विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
मामला ग्रामसभा सूरतनगर के मजरा रघुनन्दनपुरवा का है जहा आजादी के बाद
पहली बार लोगो के घरों में बल्व जले लेकिन महज कुछ दिन ही जल पाए कि
ट्रांसफार्मर फुक गया और कई दर्जन घर फिर से अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर
हो गए।
गांव निवासी नीरज निषाद,रामनिवास,मैकूलाल,शिवकुमार,भोले,तिलकराम,नंदकिशोर आदि ने बताया
कि 9 मई को गांव के 64 घरों में बिजली जगमगाई थी। लेकिन बीते एक माह पूर्व लगा
ट्रांसफार्मर जल गया जिससे फिर से गांव में अंधेरा छा गया, ग्रामीणो ने बताया कि
उपजिलाधिकारी व जेई (विधुत) को लिखित शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नही किया गया।
जिसके बाद ग्रामीणों ने ऊर्जा
मंत्री को छोड़कर बाकी सभी जगह शिकायत की, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। गांव निवासी सोहनलाल बताते है कि विभाग ने कनेक्शन तो 64 कर दिए लेकिन ट्रांसफार्मर दस
किलोवॉट का लगा दिया गया जबकि ट्रांसफार्मर बड़ा लगाना चाहिए था।
यह गांव सीमा पर बह रही मोहाना नदी के समीप बसा है बताया जा रहा है कि यहाँ पर बाढ़ का खतरा
हमेशा बना रहता है, इस गांव के रामनिवास बताते है कि यह गांव सात दशक से
भी अधिक पुराना है लेकिन विधुतीकरण इस वर्ष हो पाया तो गांव के
बुजुर्ग,महिलाएँ और बच्चों की खुशी का ठिकाना नही रहा, मगर यह खुशी ज्यादा
दिनों तक न चल सकी। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अधिक किलोवॉट का ट्रांसफार्मर
लगाने की मांग की है।
...रिपोर्ट - श्रवण सिंह। (निघासन खीरी)

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