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विनोबा जयंती समारोह सम्पन्न

कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि व सपा नेता प्रशान्त कटियार मंटू
समाजसेवी अखिलेश विनोबा जी पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए
उन्नाव। जिला सर्वोदय मंडल  द्वारा विनोबा जयंती के अवसर पर भारत निर्माण में विनोबा का योगदान विषय पर डॉ० राम मनोहर लोहिया हाईस्कूल विनोबा नगर उन्नाव में प्रबन्धक शिक्षकों, छात्र-छात्राओं सर्वोदयी कार्यकर्ताओं व अतिथियों के मध्य सम्पन्न हुआ। 
कार्यक्रम की शुरुआत विनोबा जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पाजंलि के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य रामऔतार कुशवाहा व  कार्यक्रम का संचालन नसीर अहमद ने किया। कार्यक्रम के दौरान सपा के नेता व नगर पालिका सदर के प्रतिनिधि प्रशांत कटियार मंटू ने कहा कि विनोबा का व्यक्तित्व बहुत महान था। वे आदर्श संत व  समाज सुधारक व उच्च कोटि के संत थे। उनका सारा जीवन समाज के गरीब शोषित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित था। आज की युवा पीढ़ी को विनोबा जी के आदर्शों पर चलने की आवश्यकता है। भारत विकास परिषद के प्रान्तीय मंत्री व रोटरी क्लब सदस्य सदस्य अजीतपाल सिंह
पूर्व ब्लाक प्रमुख कृष्ण पाल सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि विनोबा जी को समाजवाद से जोड़ना उनके कद को कम करना है। बाह्मणत्व की असली परिभाषा को परिभाषित विनोबा जी ने किया। जिला सर्वोदय मंडल के उपाध्यक्ष नसीर अहमद ने कहा कि विनोबा जी एक धर्म निरपेक्ष व्यक्ति थे। उनके मन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं था। सर्वोदय मंडल के जिला अध्यक्ष रामशंकर ने कहा कि भूदान आंदोलन की शुरूआत कर स्वंतन्त्र भारत का नया अध्याय शुरू किया। उन्होने दस हजार गाँवों का भूदान आंदोलन में भ्रमण किया तथा करीब तीन हजार जातियों को जमीन दिलवाई। और पूजिपतियों से 47.64 लाख एकड़ भूमि दान में लेकर भूमिहीनों को सौपी।
डॉ राम मनोहर लोहिया के प्रबन्धक व समाजसेवी राम सजीवन यादव ने कहा कि विनोबा भावे भारत की वह विभूति थे जिनके कार्यो पर हम भारतवासियों को गर्व है। उन्होने इस मौके पर शिक्षक समुदाय से आग्रह किया कि वे महात्मा गांधी व विनोबा भावे के सिद्धान्तों के  अनुरूप छात्र-छात्राओं को शिक्षित करें, तभी राष्ट्र मजबूत होगा। इस मौके पर पूर्व विधायक चौधरी खजान सिंह के पौत्र व चौधरी खजान सिंह डिग्री कालेज के प्रबन्धक मुकेश कुमार यादव ने विनोबा जी व्यक्तित्व पर आधारित  शैक्षिक पाठ्यक्रम को हटाने पर बेहद दुख प्रकट करते हुए कहा कि आज सरकार स्वंतत्रता सेनानियों की उपेक्षा कर रही है। उन्होने कहा कि विनोबा उच्च कोटि के समाज सेवक महान देश भक्त थे। प्रांतीय संगठन मंत्री रघुराज मगन ने कहा कि विनोबा जी 1916में वे महात्मा गांधी के संपर्क में आए। और महात्मा गांधी से प्रभावित हो देश के स्वतंत्रता आदोंलन में जुट गए। तथा गांधी जी की मृत्यु के बाद गांधी जी के सही आदर्शो को यदि किसी व्यक्ति ने पूरा किया तो वह विनोबा भावे ही थे। जिला मंत्री संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि 1948में उनकी मृत्यु के बाद गांधी जी के आदर्शो के अनुरूप सर्वसेवा संघ की स्थापना की। तथा 1951में भूदान आंदोलन की शुरूआत कर आजाद भारत के इतिहास में वह आर्थिक कार्यक्रम चलाया जिससे समाज के कमजोर लोगो का उत्थान हो सका। गांधी जी ने अपने जीवन काल में जिस भारत की परिकल्पना की थी। उसे सही मायने में लागू कराने का प्रयास किया।
प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी मयंक आलोक ने विनोबा को गांधी जी के बताए मार्ग पर चलने वाला एक महान दार्शनिक बताते हुए कहा कि किसी भी महापुरुष के दो आयाम होते हैं। एक सकारात्मक व दूसरा नकारात्मक। सकारात्मक विचारों के आत्मसात करने से एक उर्जा हममे समाहित होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आर के डी इंटर कालेज भुंभवार के पूर्व प्रधानाचार्य राम औतार कुशवाहा ने कहा कि आज विनोबा भावे जी के जैसे महापुरुषों के सिद्धान्तों पर चलने की अति आवश्यकता है। विनोबा जी दलितों के सबसे बड़े उद्धारक थे।
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार कामता सिंह चौहान, मंजीत यादव, योगेन्द्र यादव, मोहम्मद अहमद, अखिलेश तिवारी, , सुखदेव,, रजनू सोनकर, दिनेश नारायण अवस्थी, शिवशंकर यादव, मोहम्मद अनीस, मोहम्मद दिलशाद, संजय जायसवाल, शैलेन्द्र त्रिवेदी, कृष्ण कुमार मिश्र, सीताराम ने भी अपने विचार रखे। वहीं इस मौके पर ममता, लता, प्राची यादव, कोमल, नीतिमा, आरती गौतम, रंजीता शर्मा, दीपमाला तिवारी, सुशील कुमार, लोकेश यादव, शिवम कुशवाहा, मनीष कुमार, समेत  करीब दो सैकड़ा छात्र छात्राए व शिक्षक मौके पर मौजूद रहे।
ने कहा कि विनोबा जी ने भूदान आंदोलन की शुरूआत करते हुए भारत के गरीबो को सम्मान दिया तथा जिन गरीबो के पास जमीन नही थी। उन्हे बड़े बड़े लोगां से जमीन दान ले कर उन्हे जमीन मुहैया कराई।

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