फूल माला लिये खङे थे कार्यकर्ता,लेकिन गाङी से नीचे नही आए अखिलेश
उन्नाव। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को राजमार्ग के रास्ते अपने काफिले के साथ लखनऊ से उन्नाव जा रहे थे। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता नवाबगंज टोल प्लाजा पर उनका स्वागत करने के लिये फूल माला लिये खङे थे । लेकिन अखिलेश यादव गाङी से नही आये जिससे कार्यकर्ता मायूस हो गये।
बतादे कि पुलवामा हमलें मे शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान उन्नाव के लाल अजीत सिंह आजाद के परिजनो से मिलने के लिये राजमार्ग के रास्ते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को उन्नाव लोकनगर स्थित शहीद के आवास जा रहे थे। अखिलेश यादव के आने की खबर मिलने पर बङी संखया मे सपा कार्यकर्ता नवाबगंज टोल प्लाजा पर फूल माला लेकर स्वागत के लिये खङे हो गये। जैसे ही उनकी कार 1 बजकर 15 मिनट पर टोल प्लाजा पहुची तो कार्यकर्ता स्वागत करने के लिए उनकी ओर बढ़े। इस दौरान अखिलेश यादव ने काफिला तो रोक दिया लेकिन गाड़ी से नही उतरे। वही कार्यकर्ताओं को लाइन में खड़े देखकर कमेंट भी पास किया। गौरतलब हो कि अक्सर अखिलेश यादव जब भी लखनऊ कानपुर राजमार्ग से निकलते तो सपा कार्यकर्ता बगैर प्रोटोकॉल के स्वागत करने उनकी गाड़ी के सामने तक आ जाते है। जिससे नाराज हो अखिलेश यहां नही उतरते थे। वही इस बार भी जब कार्यकर्ताओं को लाइन में खड़े देखा तो गाड़ी रुकवाकर शीशा उतारकर कार्यकताओ से कहा अब ठीक है, लाइन में खड़े हो। जिसके बाद वह उन्नाव की ओर चले गए। हालांकि इस दौरान एक कार्यकर्ता ने उन्हें ज्ञापन दिया है।
बतादे कि पुलवामा हमलें मे शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान उन्नाव के लाल अजीत सिंह आजाद के परिजनो से मिलने के लिये राजमार्ग के रास्ते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार को उन्नाव लोकनगर स्थित शहीद के आवास जा रहे थे। अखिलेश यादव के आने की खबर मिलने पर बङी संखया मे सपा कार्यकर्ता नवाबगंज टोल प्लाजा पर फूल माला लेकर स्वागत के लिये खङे हो गये। जैसे ही उनकी कार 1 बजकर 15 मिनट पर टोल प्लाजा पहुची तो कार्यकर्ता स्वागत करने के लिए उनकी ओर बढ़े। इस दौरान अखिलेश यादव ने काफिला तो रोक दिया लेकिन गाड़ी से नही उतरे। वही कार्यकर्ताओं को लाइन में खड़े देखकर कमेंट भी पास किया। गौरतलब हो कि अक्सर अखिलेश यादव जब भी लखनऊ कानपुर राजमार्ग से निकलते तो सपा कार्यकर्ता बगैर प्रोटोकॉल के स्वागत करने उनकी गाड़ी के सामने तक आ जाते है। जिससे नाराज हो अखिलेश यहां नही उतरते थे। वही इस बार भी जब कार्यकर्ताओं को लाइन में खड़े देखा तो गाड़ी रुकवाकर शीशा उतारकर कार्यकताओ से कहा अब ठीक है, लाइन में खड़े हो। जिसके बाद वह उन्नाव की ओर चले गए। हालांकि इस दौरान एक कार्यकर्ता ने उन्हें ज्ञापन दिया है।
...रिपोर्ट : रजत द्विवेदी।

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